"सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और मानवता ही ईश्वर की सच्ची पूजा।"
इस जीवन-दर्शन को आत्मसात कर समाजसेवा के पथ पर निरंतर अग्रसर रहने वाली श्रीमती आशा अग्रवाल राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की को-फाउंडर हैं। वे सेवा, संस्कार, श्रद्धा और समर्पण का ऐसा प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने परिवार, समाज और धर्म—तीनों क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
श्रीमती आशा अग्रवाल का जन्म 22 फरवरी 1966 को दिल्ली के शाहदरा में एक प्रतिष्ठित एवं धार्मिक गोयल परिवार में हुआ। उनके पिता श्री जगदीश प्रसाद गोयल तथा माता श्रीमती गीताबाई गोयल थे। बचपन से ही उन्हें धार्मिक संस्कार, बड़ों का सम्मान, सेवा और परोपकार की शिक्षा मिली। उन्होंने दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की, किन्तु उनका वास्तविक जीवन-विद्यालय परिवार, संस्कार और समाज रहा, जहाँ से उन्होंने जीवन के श्रेष्ठ मूल्य सीखे।
उनके परिवार में चार भाई—मदनलाल गोयल, हरिराम गोयल, प्रहलाद गोयल एवं रमेश गोयल तथा पाँच बहनें—उर्मिला गोयल, प्रेम गोयल, पदमा गोयल, तारा गोयल और अनीता गोयल हैं। बड़े परिवार में पले-बढ़े होने के कारण उनमें सहयोग, अपनापन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना स्वाभाविक रूप से विकसित हुई।
24 जून 1988 को उनका विवाह हैदराबाद के समाजसेवी एवं उद्योगपति श्री सतीश कुमार गुप्ता के साथ संपन्न हुआ। विवाह के बाद उन्होंने अपने परिवार की जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए समाजसेवा को भी अपने जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य बनाया।
उनके परिवार में दो पुत्र—देवेश गुप्ता एवं कर्णेश गुप्ता तथा एक पुत्री—कीर्ति गुप्ता हैं, जिन्हें उन्होंने भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और सेवा के संस्कारों से समृद्ध किया।
श्रीमती आशा अग्रवाल राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की को-फाउंडर हैं। वे अपने पति श्री सतीश कुमार गुप्ता के साथ संस्था की सेवा यात्रा में प्रारंभ से ही सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। संस्था के माध्यम से नियमित अन्नदान, गौ सेवा, धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम, जरूरतमंदों की सहायता तथा मानव कल्याण के अनेक कार्यों में वे पूर्ण समर्पण के साथ योगदान देती हैं। उनके लिए सेवा केवल एक कार्य नहीं, बल्कि जीवन का सबसे बड़ा धर्म है।
वे अत्यंत धर्मपरायण, गौ सेविका एवं सिद्ध शिरोमणि लोक आस्था के संत बाबा जयरामदास जी महाराज की अनन्य भक्त हैं। बाबा के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और उनके बताए सेवा, भक्ति और मानव कल्याण के मार्ग ने उनके जीवन को नई दिशा प्रदान की है। वे मानती हैं कि ईश्वर की सच्ची आराधना मंदिरों तक सीमित नहीं, बल्कि भूखे को भोजन, असहाय को सहारा और पीड़ित की सहायता करने में है।
श्रीमती आशा अग्रवाल का व्यक्तित्व सादगी, विनम्रता, करुणा और समर्पण का अद्भुत संगम है। वे सदैव इस विश्वास के साथ कार्य करती हैं कि समाज की उन्नति तभी संभव है जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी सामर्थ्य के अनुसार सेवा और सहयोग का संकल्प ले। यही कारण है कि वे राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की प्रत्येक सेवा गतिविधि में सक्रिय भागीदारी निभाती हैं और अनेक लोगों को समाजसेवा के लिए प्रेरित करती हैं।
आज श्रीमती आशा अग्रवाल केवल एक सफल गृहिणी या सामाजिक कार्यकर्ता ही नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, श्रद्धा और मानवता की सशक्त प्रतीक हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि निस्वार्थ सेवा, धर्म के प्रति आस्था और मानवता के प्रति समर्पण से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की सेवा यात्रा में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बनकर समाज को नई दिशा देता रहेगा।
"सेवा, संस्कार और समर्पण ही जीवन की सबसे बड़ी सफलता हैं।"
श्रीमती आशा अग्रवाल का जीवन प्रत्येक परिवार और समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सेवा, संस्कार और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता रहेगा।