"शब्दों की शक्ति तभी सार्थक होती है, जब वे समाज में जागरूकता, सेवा और सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनें।"
इसी विचार को अपने जीवन का मूल मंत्र मानने वाले मनोज शर्मा राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के मीडिया एवं जनसंपर्क (पीआर) प्रमुख हैं। संगठन की सेवा गतिविधियों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाने, मीडिया के माध्यम से सेवा के संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा संगठन और समाज के बीच सशक्त संवाद स्थापित करने में उनका महत्वपूर्ण योगदान है।
मनोज शर्मा का जन्म 1 जुलाई 1976 को राजस्थान के झुंझुनू जिले के पचेरी कला गाँव में हुआ। उनके पिता श्री मुरलीधर शर्मा तथा माता श्रीमती लक्ष्मी देवी हैं। परिवार से मिले संस्कार, अनुशासन और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना ने बचपन से ही उनके व्यक्तित्व को नई दिशा दी।
विद्यालय जीवन से ही उन्हें लेखन, साहित्य, सामाजिक गतिविधियों और समाचारों के प्रति विशेष रुचि थी। यही रुचि आगे चलकर उनके सफल पत्रकारिता जीवन की आधारशिला बनी।
उनका विवाह 6 मार्च 2003 को श्रीमती सुमित्रा शर्मा के साथ संपन्न हुआ। उनके परिवार में एक पुत्र रजनीश शर्मा तथा एक पुत्री मानवी शर्मा हैं। परिवार का सहयोग और प्रोत्साहन उनके जीवन की सबसे बड़ी शक्ति रहा है, जिसने उन्हें पत्रकारिता और समाज सेवा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
उन्होंने अपने पत्रकारिता जीवन की शुरुआत दैनिक भास्कर में बुहाना क्षेत्र के संवाददाता के रूप में की। इसके बाद वे हैदराबाद आए और प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक हिंदी मिलाप से जुड़े। इसके पश्चात उन्होंने भास्वर भारत पत्रिका में अपनी सेवाएँ दीं।
आगे चलकर पराक्रम टाइम्स तथा माटी की खुशबू समाचार माध्यमों में संपादक (एडिटर) के रूप में कार्य करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।
लगभग तीन दशकों के पत्रकारिता अनुभव के दौरान मनोज शर्मा ने अनेक सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और जनहित से जुड़े विषयों को प्रमुखता से उठाया। उनकी लेखनी सदैव सकारात्मक सोच, सामाजिक चेतना और जनकल्याण की भावना से प्रेरित रही है।
वे मानते हैं कि पत्रकारिता केवल समाचार प्रकाशित करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, सेवा और संस्कारों का संदेश पहुँचाने का एक सशक्त दायित्व है।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की स्थापना के साथ ही उन्होंने संगठन के मीडिया एवं जनसंपर्क विभाग को सुदृढ़ बनाने का दायित्व संभाला। संस्थापक सतीश गुप्ता, जगत नारायण अग्रवाल, राम प्रकाश अग्रवाल एवं महेश अग्रवाल के मार्गदर्शन में उन्होंने संगठन की सेवा गतिविधियों को समाचार पत्रों, डिजिटल मीडिया और विभिन्न जनसंचार माध्यमों के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाई।
उनके प्रयासों से राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की अन्नदान, गौसेवा, स्वास्थ्य सेवा, धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियाँ समाज के अधिक से अधिक लोगों तक पहुँच रही हैं और अनेक लोग इस सेवा अभियान से प्रेरित होकर संगठन से जुड़ रहे हैं।
वे प्रत्येक समाचार को तथ्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। उनकी लेखनी में सरलता, स्पष्टता और प्रेरणा का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है।
आज मनोज शर्मा केवल एक वरिष्ठ पत्रकार और संपादक ही नहीं, बल्कि राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की मीडिया पहचान के प्रमुख स्तंभ हैं। उनकी निष्ठा, ईमानदारी, दूरदर्शिता और सेवा के प्रति समर्पण संगठन की प्रगति में निरंतर नई ऊर्जा का संचार कर रहा है।
उनकी लेखनी, व्यक्तित्व और सामाजिक प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ी के पत्रकारों, समाजसेवियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।