"सेवा, संस्कार और समर्पण ही जीवन की सच्ची सफलता का आधार हैं।"
इसी जीवन-दर्शन को आत्मसात करने वाले अनिरुद्ध गुप्ता राधे-राधे ग्रुप, हैदराबाद के सम्मानित संरक्षक, प्रख्यात उद्योगपति, दूरदर्शी उद्यमी एवं समाजसेवा के प्रेरणास्रोत हैं। उनका व्यक्तित्व सेवा, नेतृत्व, विनम्रता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रेरणादायी उदाहरण है।
उनका जन्म 16 अगस्त 1968 को हुआ। उनके पिताश्री भगवान दास गुप्ता तथा माताश्री पुष्पा गुप्ता हैं। उन्होंने बी.कॉम. की शिक्षा प्राप्त की और अपने परिश्रम, ईमानदारी, दूरदर्शी सोच तथा उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता के बल पर उद्योग जगत में विशिष्ट पहचान स्थापित की।
मूल रूप से वे राजस्थान और हरियाणा की सीमा पर स्थित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध डाबला ग्राम के निवासी हैं। अपने गांव की सादगी, संस्कार, मेहनत और कर्मनिष्ठा का प्रभाव उनके व्यक्तित्व एवं जीवन मूल्यों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
लगभग 39 वर्षों के समृद्ध व्यावसायिक अनुभव के साथ वे डी.ई.सी. ग्रुप ऑफ कंपनीज़ के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं। उनके नेतृत्व में डी.ई.सी. इंफ्रास्ट्रक्चर एंड प्रोजेक्ट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड तथा डी.ई.सी. इंडस्ट्रीज़ प्राइवेट लिमिटेड ने गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उत्कृष्टता के नए मानदंड स्थापित किए हैं।
उनके नेतृत्व ने केवल उद्योगों का विस्तार ही नहीं किया, बल्कि रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी नई दिशा प्रदान की है।
व्यावसायिक उपलब्धियों के साथ-साथ अनिरुद्ध गुप्ता का जीवन समाजसेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित है। वे मानते हैं कि ईश्वर की सच्ची उपासना केवल मंदिरों में नहीं, बल्कि भूखे को भोजन, जरूरतमंद की सहायता, गौसेवा, शिक्षा के सहयोग तथा मानवता की निस्वार्थ सेवा में निहित है।
राधे-राधे ग्रुप, हैदराबाद के संरक्षक के रूप में उनका स्नेह, संरक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग संस्था की सबसे बड़ी शक्ति है। उनके प्रेरक नेतृत्व में समूह नियमित अन्नदान, गौसेवा, चिकित्सा सहायता, सामाजिक जागरूकता एवं जनकल्याण के विविध सेवा कार्यों को निरंतर विस्तार दे रहा है।
वे तेलंगाना अग्रवाल समाज के सम्मानित अध्यक्ष के रूप में भी समाज को संगठित करने, युवाओं को भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से जोड़ने तथा सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में अनेक धार्मिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुए हैं।
वे प्रत्येक सदस्य को यह संदेश देते हैं कि "सेवा केवल दान नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।"
उनकी धर्मपत्नी गायत्री गुप्ता हैं तथा उनकी दो सुपुत्रियाँ सृष्टि गुप्ता एवं प्रकृति गुप्ता हैं। परिवार के संस्कार, सेवा की परंपरा और सामाजिक उत्तरदायित्व उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरक शक्ति हैं।
अनिरुद्ध गुप्ता का व्यक्तित्व विनम्रता, सरलता, नेतृत्व, सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम है। वे मानते हैं कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है जब प्रत्येक सक्षम व्यक्ति अपने समय, संसाधनों और सामर्थ्य का एक भाग समाजहित के लिए समर्पित करे।
उनके विचार, कार्यशैली और सेवा-भावना राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के प्रत्येक स्वयंसेवक के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनके संरक्षण, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से संस्था मानव सेवा, गौसेवा एवं जनकल्याण के अपने संकल्प को निरंतर साकार करते हुए समाज में सेवा, सद्भाव और संस्कारों का प्रकाश फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
"सेवा केवल दान नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। प्रत्येक सक्षम व्यक्ति यदि समाजहित में अपना योगदान दे, तो एक संवेदनशील, संस्कारित और समृद्ध राष्ट्र का निर्माण संभव है।"