"मानव सेवा ही माधव सेवा है। सेवा, सहयोग और करुणा के माध्यम से ही समाज को बेहतर बनाया जा सकता है।"
श्रीमती अनीता अग्रवाल राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की सम्मानित, सेवाभावी एवं समर्पित सदस्य हैं। उनका जीवन सादगी, सहयोग, आत्मीयता और सेवा भावना का सुंदर उदाहरण है। पारिवारिक संस्कारों और मानवीय मूल्यों से प्रेरित होकर वे समाजसेवा एवं मानव कल्याण के कार्यों में निरंतर अपनी सहभागिता निभा रही हैं।
श्रीमती अनीता अग्रवाल का जन्म 7 मार्च 1962 को हुआ। उनके पिता का नाम श्री जगदीश प्रसाद एवं माता का नाम श्रीमती नारायणी बाई है। उन्होंने बी.ए. तक शिक्षा प्राप्त की है तथा उनका मूल स्थान राजस्थान है। वे व्यवसाय से जुड़ी हुई हैं।
उनका विवाह 23 अप्रैल 1985 को श्री नरेश अग्रवाल के साथ हुआ। उनके दो पुत्र पवन अग्रवाल एवं पुनीत अग्रवाल हैं। पारिवारिक संस्कारों और मानवीय मूल्यों से प्रेरित उनका जीवन सादगी, सहयोग और सेवा भावना से परिपूर्ण है।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद से जुड़कर श्रीमती अनीता अग्रवाल समाजसेवा एवं मानव कल्याण के कार्यों में अपना योगदान दे रही हैं। उनका मानना है कि जीवन की सच्ची उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के जरूरतमंद लोगों के जीवन में थोड़ी-सी खुशियां, राहत और आशा पहुंचाने में है।
इसी विचार को अपने जीवन में महत्व देते हुए वे राधे-राधे ग्रुप के सेवा कार्यों से जुड़ी हैं और ग्रुप द्वारा संचालित विभिन्न सेवा गतिविधियों में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाती हैं।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद द्वारा नियमित रूप से आयोजित अन्नदान सेवा उनके लिए विशेष महत्व रखती है। जरूरतमंद एवं वंचित लोगों तक भोजन पहुंचाना, उन्हें सम्मान के साथ भोजन कराना और उनके प्रति आत्मीयता का भाव रखना उनके लिए मानवता की सच्ची सेवा है।
उनका विश्वास है कि किसी भूखे व्यक्ति को भोजन कराना केवल अन्न देना नहीं, बल्कि उसके जीवन में संवेदना, सम्मान और अपनत्व का भाव पहुंचाना है। इसी सेवा भावना के साथ वे राधे-राधे ग्रुप के निरंतर चल रहे सेवा अभियान का हिस्सा बनी हुई हैं।
श्रीमती अनीता अग्रवाल का मानना है कि समाज में परिवर्तन केवल बड़े कार्यों से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे सेवाभावी प्रयासों से भी संभव है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास के जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आए, तो समाज में मानवता, भाईचारे और सहयोग की भावना को और मजबूत किया जा सकता है।
राधे-राधे ग्रुप का सेवा परिवार इसी भावना को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है और श्रीमती अनीता अग्रवाल इस पवित्र सेवा यात्रा में अपनी सहभागिता के माध्यम से महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उनका राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद से जुड़ाव केवल सदस्यता तक सीमित नहीं, बल्कि सेवा और मानवता के प्रति उनकी आस्था का परिचायक है। वे ग्रुप के सदस्यों के साथ मिलकर सेवा भावना को आगे बढ़ाने और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने के संकल्प में सहभागी हैं।
उनका सौम्य व्यवहार, सहयोग की भावना और सेवा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण ग्रुप के सेवा कार्यों को और अधिक आत्मीयता प्रदान करता है।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद का मूल उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग, करुणा और मानवता की भावना को मजबूत करना है। “मानव सेवा ही माधव सेवा” के इसी पवित्र भाव को केंद्र में रखते हुए ग्रुप निरंतर अन्नदान एवं विभिन्न सामाजिक सेवा गतिविधियों के माध्यम से जरूरतमंदों तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है।
श्रीमती अनीता अग्रवाल इस सेवा भावना से जुड़कर अपने योगदान के माध्यम से ग्रुप के उद्देश्य को आगे बढ़ाने में सहयोग कर रही हैं। उनकी सहभागिता सेवा कार्यों को निरंतर मजबूती प्रदान करती है।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद परिवार श्रीमती अनीता अग्रवाल की सेवा भावना, सहभागिता एवं सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता है। ग्रुप परिवार उनके स्वस्थ, सुखी, समृद्ध एवं मंगलमय जीवन की कामना करता है।
ग्रुप परिवार विश्वास करता है कि उनका मार्गदर्शन, सहयोग एवं सेवाभाव भविष्य में भी राधे-राधे ग्रुप की मानव सेवा की यात्रा को निरंतर मजबूती प्रदान करता रहेगा।
"मानव सेवा ही माधव सेवा है। जरूरतमंद तक सहायता पहुंचाना, उसे सम्मान देना और उसके जीवन में आशा एवं अपनत्व का भाव जगाना ही सच्ची सेवा है।"