Welcome to राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद

Bhakar Ram Kumawat

Member – Radhe-Radhe Group Hyderabad


Bhakar Ram Kumawat

"गौसेवा और मानव सेवा मेरे जीवन का संकल्प है।"

भाकर राम कुमावत राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के सम्मानित एवं सक्रिय सदस्य, प्रख्यात समाजसेवी, गौसेवा के साधक तथा सेवा-समर्पण के पर्याय हैं। वे अपने सरल स्वभाव, सशक्त नेतृत्व, संगठन क्षमता और निस्वार्थ सेवा भावना के कारण समाज में विशेष सम्मान प्राप्त करते हैं। वर्तमान में वे कुमावत समाज ट्रस्ट, हैदराबाद (तेलंगाना) के अध्यक्ष के रूप में समाज को सशक्त नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त तेलंगाना की विभिन्न पान ब्रोकर यूनियनों में मार्गदर्शक एवं महामंत्री के रूप में भी उन्होंने उल्लेखनीय सेवाएँ दी हैं।

Personal Background

इनका जन्म 17 अक्टूबर 1966 को राजस्थान के खेड़ा महाराज, वर्तमान जिला ब्यावर में हुआ। इनके पिताश्री स्वर्गीय पाबुराम कुमावत एवं माताश्री गोगी देवी हैं। इन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से बी.कॉम. की शिक्षा प्राप्त की। प्रारम्भ से ही इनके व्यक्तित्व में सेवा, संस्कार, परिश्रम और समाज के प्रति समर्पण की भावना रही, जिसने आगे चलकर इन्हें समाजसेवा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान दिलाई।

Family

इनका विवाह 6 मई 1982 को श्रीमती कमला देवी कुमावत के साथ सम्पन्न हुआ। श्रीमती कमला देवी कुमावत स्वयं भी सेवा, संस्कार और सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहती हैं तथा राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की नियमित सदस्य के रूप में अन्नदान, गौसेवा एवं अन्य सेवा प्रकल्पों में निस्वार्थ भाव से अपनी सहभागिता निभाती हैं।

इनके परिवार में दो सुपुत्र कमल किशोर कुमावत एवं डॉ. रणजीत कुमावत तथा दो सुपुत्रियाँ कंचन कुमावत एवं मोनिका कुमावत हैं। उन्होंने अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ सेवा, संस्कार, विनम्रता एवं समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का अमूल्य उपहार दिया है। आज पूरा परिवार सामाजिक एवं धार्मिक गतिविधियों में सक्रिय रहकर सेवा की इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।

इनके परिवार में बड़े भाई स्वर्गीय अशोक कुमावत थे। उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सुरमा देवी हैं। उनके पुत्र महेश कुमावत (बी.बी.ए.) सफल उद्यमी हैं और आर.के. ब्रदर्स शोरूम का संचालन करते हैं। दूसरे पुत्र देवकरण कुमावत केशव मेमोरियल में बी.ए., एल.एल.बी. के विद्यार्थी हैं। उनकी पुत्रियाँ पूजा कुमावत एवं गायत्री कुमावत हैं। परिवार की एक बहन श्रीमती इन्द्रा देवी हैं, जिनके पति श्री लिखमा राम बाकरेचा हैं। उनका परिवार काटेदान, हैदराबाद में निवास करता है।

Leadership & Social Responsibility

भाकर राम कुमावत वर्तमान में कुमावत समाज ट्रस्ट, हैदराबाद (तेलंगाना) के अध्यक्ष के रूप में समाज को सशक्त नेतृत्व प्रदान कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने तेलंगाना की विभिन्न पान ब्रोकर यूनियनों में मार्गदर्शक एवं महामंत्री के रूप में उल्लेखनीय सेवाएँ दी हैं। उनका नेतृत्व समाज में संगठन, सहयोग और सेवा की भावना को निरंतर मजबूत करता रहा है।

Social Service

भाकर राम कुमावत का मानना है कि "सेवा मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है।" बचपन में अपने गाँव में प्रतिदिन गौसेवा करना उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा था। अपने पूर्वजों से प्राप्त सेवा और संस्कारों की विरासत को वे आज भी अपने जीवन की सबसे बड़ी पूँजी मानते हैं।

वे समय-समय पर राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के अन्नदान, गौसेवा, सामाजिक सहायता एवं जनकल्याण के विभिन्न सेवा प्रकल्पों में सक्रिय सहभागिता निभाते हैं। उनका विश्वास है कि प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार समाज और राष्ट्र के लिए योगदान दे, तभी एक सशक्त, संवेदनशील, संस्कारित एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव होगा।

Legacy of Service

भाकर राम कुमावत का संपूर्ण जीवन सेवा, संस्कार, नेतृत्व और समर्पण की प्रेरणादायी गाथा है। उनका व्यक्तित्व यह संदेश देता है कि सच्ची सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों में नहीं, बल्कि समाज के उत्थान, मानव सेवा और राष्ट्र निर्माण में अपने योगदान से प्राप्त होती है। यही कारण है कि वे राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के प्रेरणास्रोत सदस्यों में गिने जाते हैं और उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए अनुकरणीय उदाहरण है।

Life Message

"गौसेवा और मानव सेवा मेरे जीवन का संकल्प है। यह मेरे पूर्वजों की अमूल्य विरासत है। कुछ संस्कार मुझे परिवार से मिले हैं, कुछ परंपराओं से और कुछ जीवन के अनुभवों से। सेवा ही मेरे जीवन की सबसे बड़ी साधना है।"