"संस्कार, संघर्ष और सेवा भाव ही जीवन को सार्थक और समाज के लिए प्रेरणादायी बनाते हैं।"
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के सदस्य श्री बिमल किशोर संघी का जीवन सादगी, परिश्रम, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक जुड़ाव का सुंदर उदाहरण है। उनका जीवन कर्मठता, मधुर व्यवहार और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित रहा है।
श्री बिमल किशोर संघी का जन्म 24 जनवरी 1954 को हुआ। उनके पिता स्वर्गीय जगतानंद संघी एवं माता स्वर्गीय चंद्रकला देवी थीं। वे हरियाणा के नारनौल को अपना मूल स्थान मानते हैं। उन्होंने हैदराबाद को अपनी कर्मभूमि बनाया और व्यवसाय के क्षेत्र में निरंतर मेहनत करते हुए अपनी पहचान स्थापित की।
श्री बिमल किशोर संघी ने बी.कॉम. तक शिक्षा प्राप्त की। शिक्षा के बाद उन्होंने व्यवसाय को अपना कार्यक्षेत्र बनाया और अपने अनुभव, लगन तथा व्यवहार-कुशलता के साथ आगे बढ़ते रहे।
उनका मानना है कि जीवन में सफलता केवल आर्थिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि अच्छे संस्कारों, मधुर व्यवहार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने से सार्थक होती है।
1 जुलाई 1979 को उनका विवाह श्रीमती तारा संघी के साथ हुआ। दांपत्य जीवन में दोनों ने मिलकर परिवार को प्रेम, संस्कार और आपसी सहयोग की मजबूत नींव दी।
उनके परिवार में कुल 11 सदस्य हैं। उनके पुत्र अमरीश संघी एवं योगेश संघी परिवार की परंपराओं और संस्कारों को आगे बढ़ा रहे हैं।
व्यवसाय के साथ श्री बिमल किशोर संघी का सामाजिक जीवन भी उल्लेखनीय रहा है। लोगों से आत्मीयता से जुड़ना, जरूरत के समय सहयोग के लिए आगे आना और समाज के सामूहिक हित को महत्व देना उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है।
उनका जीवन इस बात का संदेश देता है कि व्यक्ति अपने कर्मक्षेत्र में आगे बढ़ते हुए भी समाज और मानवता के प्रति अपने दायित्वों को नहीं भूलना चाहिए।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की सेवा भावना से जुड़कर श्री बिमल किशोर संघी सामाजिक एकजुटता और मानव सेवा के प्रयासों को अपना समर्थन देते हैं। ग्रुप द्वारा किए जा रहे अन्नदान एवं सेवा कार्यों का मूल उद्देश्य भी समाज में सहयोग, करुणा और मानवता की भावना को मजबूत करना है।
समाजहित के कार्यों के प्रति उनका समर्थन और सहभागिता राधे-राधे ग्रुप की सेवा यात्रा को मजबूती प्रदान करती है।
श्री संघी का जीवन आज की पीढ़ी के लिए यह प्रेरणा देता है कि मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है, लेकिन संस्कार और सेवा भाव ही उस सफलता को समाज के लिए सार्थक बनाते हैं।
पारिवारिक मूल्यों को साथ लेकर आगे बढ़ना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना उनके जीवन की महत्वपूर्ण विशेषता है।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद परिवार श्री बिमल किशोर संघी के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामना करता है और उनके अनुभव, संस्कार एवं सामाजिक जुड़ाव को समाज के लिए प्रेरणादायी मानता है।
"मेहनत से सफलता हासिल की जा सकती है, लेकिन संस्कार और सेवा भाव ही उस सफलता को समाज के लिए सार्थक बनाते हैं।"