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SHRI DEEPAK KUMAR AGARWAL

Member – Radhe-Radhe Group Hyderabad


दीपक कुमार अग्रवाल

"संस्कारों से मिली सेवा की प्रेरणा ही समाज के प्रति सच्चे समर्पण का आधार है।"

दीपक कुमार अग्रवाल का नाम सामाजिक सहभागिता, सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण रखने वाले व्यक्तित्व के रूप में उल्लेखनीय है। उनका जीवन पारिवारिक संस्कारों, सामाजिक जुड़ाव और जरूरतमंदों की सहायता की भावना से प्रेरित रहा है।

Personal Background

दीपक कुमार अग्रवाल का जन्म 17 जनवरी 1968 को हुआ। उनके पिता का नाम श्री रमेश अग्रवाल तथा माता का नाम श्रीमती कलावती अग्रवाल है। वे राजस्थान के झुंझुनू जिले के नवलगढ़ क्षेत्र के परशरामपुर के मूल निवासी हैं। पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक वातावरण में पले-बढ़े दीपक कुमार अग्रवाल ने बचपन से ही समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदारी का भाव सीखा।

उन्होंने दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की। उनका विवाह 23 जनवरी 1988 को श्रीमती प्रीति अग्रवाल के साथ हुआ। उनके तीन पुत्र हैं— रोहित अग्रवाल, निखिल अग्रवाल एवं बृजेश अग्रवाल । पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने सामाजिक जीवन में भी अपनी सक्रिय सहभागिता बनाए रखी।

Inspiration from Father for Social Service

दीपक कुमार अग्रवाल के जीवन में समाजसेवा की प्रेरणा उनके पिता श्री रमेश अग्रवाल से मिली। पिता के संस्कारों ने उनके मन में सेवा, सहयोग और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया। उन्होंने अपने पिता से मिली इस प्रेरणा को जीवन में अपनाते हुए सामाजिक कार्यों को हमेशा महत्व दिया।

उनका मानना है कि समाज में रहते हुए प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह अपनी क्षमता के अनुसार समाज के लिए योगदान दे। सेवा केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय किसी के साथ खड़ा होना, सहयोग करना और समाज के हित में कार्य करना भी सच्ची समाजसेवा है।

Active Association with Agarwal Samaj

दीपक कुमार अग्रवाल अमीरपेट अग्रवाल समाज शाखा से जुड़े हुए हैं। समाज के साथ उनका जुड़ाव केवल सामाजिक संपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाजहित से जुड़े कार्यों में अपनी सहभागिता निभाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं।

अग्रवाल समाज की एकजुटता, आपसी सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने में ऐसे सदस्यों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। दीपक कुमार अग्रवाल भी इसी भावना के साथ समाज के लोगों से जुड़े रहते हैं और सामाजिक गतिविधियों में अपनी भागीदारी निभाते हैं।

Service Through ‘Jeen Mai Ke Ladle’

दीपक कुमार अग्रवाल ‘जीण माई के लाडले’ नामक संस्था से भी जुड़े हुए हैं और वहां अपनी सेवाएं दे रहे हैं। संस्था के माध्यम से होने वाली सामाजिक एवं सेवा गतिविधियों में उनका योगदान उनकी सेवा भावना और समाज के प्रति संवेदनशील सोच को दर्शाता है।

धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को सेवा से जोड़ते हुए समाज के लिए कार्य करना उनके व्यक्तित्व की विशेष पहचान है। उनका विश्वास है कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग तक सहयोग पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

Commitment to Service and Cooperation

दीपक कुमार अग्रवाल का जीवन इस विचार को दर्शाता है कि समाज की उन्नति के लिए हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए। वे सेवा को दिखावे का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता और संस्कारों से जुड़ा दायित्व मानते हैं।

उनकी सोच है कि जब समाज के लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े होते हैं, जरूरतमंदों की सहायता करते हैं और सामाजिक कार्यों में मिलकर योगदान देते हैं, तब समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और एकता मजबूत होती है।

Inspiration for the New Generation

दीपक कुमार अग्रवाल चाहते हैं कि समाज की नई पीढ़ी भी अपने संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों को समझे तथा समाजसेवा के कार्यों में आगे आए। उनका मानना है कि युवा पीढ़ी में सेवा और सहयोग की भावना विकसित होगी तो आने वाला समाज अधिक मजबूत, संगठित और संवेदनशील बनेगा।

अपने पिता श्री रमेश अग्रवाल से मिली समाजसेवा की प्रेरणा को आगे बढ़ाते हुए दीपक कुमार अग्रवाल आज भी सामाजिक संस्थाओं से जुड़े रहकर अपनी भूमिका निभा रहे हैं। उनके जीवन में परिवार, समाज और सेवा—तीनों के प्रति जिम्मेदारी की भावना स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।

Contribution to Radhe-Radhe Group

राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद दीपक कुमार अग्रवाल की सामाजिक सहभागिता, सेवा भावना और समाज के प्रति समर्पण का सम्मान करता है। उनका जीवन उन सभी लोगों के लिए प्रेरणादायी है, जो अपने पारिवारिक संस्कारों को समाजसेवा से जोड़कर समाज के उत्थान में योगदान देना चाहते हैं।

Life Message

"सेवा केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत के समय किसी के साथ खड़ा होना, सहयोग करना और समाज के हित में कार्य करना भी सच्ची समाजसेवा है।"