"सेवा, संस्कार और सामाजिक समर्पण के माध्यम से ही समाज को मजबूत और बेहतर बनाया जा सकता है।"
पाबूराम कुमावत राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के सक्रिय एवं समर्पित सदस्य हैं। वे संस्कार, सेवा और सामाजिक समर्पण की भावना से जुड़े प्रेरक व्यक्तित्व हैं। परिवार, व्यवसाय और समाज के बीच संतुलन बनाए रखते हुए वे जरूरतमंदों की सहायता एवं मानव सेवा के कार्यों में अपनी सहभागिता निभा रहे हैं।
पाबूराम कुमावत का जन्म 1 जनवरी 1965 को हुआ। उनके पिता श्री ढोकल रामजी एवं माता श्रीमती पानीबाई थीं। उनका मूल निवास निम्बाज, जैतारण, जिला ब्यावर है।
उन्होंने एसएससी तक शिक्षा प्राप्त की और वर्तमान में पवन ब्रोकर के व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक मूल्यों ने उनके व्यक्तित्व को सेवा एवं सहयोग की भावना से समृद्ध किया है।
पाबूराम कुमावत का विवाह 12 अगस्त 1989 को श्रीमती केलीबाई के साथ हुआ। उनका पारिवारिक जीवन संस्कारों और आपसी प्रेम से परिपूर्ण रहा है।
उनके परिवार में बहन मेणादेवी तथा संतान के रूप में पूजा, आरती, राजेश और मोनिका हैं। परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ वे सामाजिक सरोकारों से भी जुड़े रहे हैं।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद से जुड़कर पाबूराम कुमावत सेवा और मानवता के कार्यों में अपनी सहभागिता निभा रहे हैं। ग्रुप द्वारा नियमित रूप से आयोजित अन्नदान, जरूरतमंदों की सहायता तथा सामाजिक सेवा गतिविधियों में सदस्यों की सहभागिता समाज में सकारात्मक संदेश देती है।
पाबूराम कुमावत भी इसी सेवा भावना के साथ संगठन के कार्यों से जुड़े हुए हैं और समाजहित के विभिन्न कार्यों में अपना सहयोग प्रदान करते हैं।
उनका मानना है कि समाज की वास्तविक उन्नति तभी संभव है, जब प्रत्येक व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंदों के सहयोग के लिए आगे आए।
उनके अनुसार सेवा के छोटे-छोटे प्रयास भी किसी के जीवन में बड़ी खुशी और आशा ला सकते हैं। इसी विचार के साथ वे सेवा गतिविधियों में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाते हैं।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की सेवा यात्रा में पाबूराम कुमावत की सहभागिता सामाजिक एकता, सहयोग और मानवता की भावना को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है।
उनकी सेवा भावना और सामाजिक सहभागिता समाज के अन्य सदस्यों को भी जरूरतमंदों की सहायता और मानव सेवा के कार्यों में आगे आने के लिए प्रेरित करती है।
पाबूराम कुमावत का जीवन परिवार, व्यवसाय और समाज के बीच संतुलन बनाते हुए सेवा के महत्व को समझने की प्रेरणा देता है। वे मानते हैं कि व्यक्तिगत जिम्मेदारियों के साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना भी प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है।
राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद की सेवा भावना के साथ जुड़े रहकर पाबूराम कुमावत समाज में सेवा, सहयोग और मानवता के मूल्यों को आगे बढ़ाने में अपना योगदान दे रहे हैं।
उनका जीवन यह संदेश देता है कि समाज की मजबूती केवल बड़े प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति के छोटे-छोटे सेवाभावी प्रयासों से भी संभव है।
“सेवा केवल किसी की सहायता करना नहीं, बल्कि मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाना है।”