
"श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीव के कल्याण और मोक्ष का दिव्य मार्ग है।"
अयोध्या (8 अगस्त 2024)। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या स्थित श्रीरामचरितमानस भवन में राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महोत्सव का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार, व्यास पूजन एवं भव्य कलश यात्रा के साथ श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ।
प्रथम दिवस प्रातः सैकड़ों श्रद्धालु महिलाओं ने मंगल कलश अपने सिर पर धारण कर भव्य कलश यात्रा निकाली। यह यात्रा रामघाट परिक्रमा मार्ग से प्रारंभ होकर तुलसी भवन होते हुए श्रीरामचरितमानस भवन पहुँची। पूरे मार्ग में "राधे-राधे", "जय श्रीराम" और "हरि बोल" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
व्यासपीठ से कथा का अमृतपान कराते हुए बृजभक्ति आचार्य श्री रमाकांत गोस्वामी ने श्रीमद्भागवत महापुराण के प्रथम स्कंध का महत्व बताते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीव के कल्याण और मोक्ष का दिव्य मार्ग है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राजा परीक्षित ने सात दिनों तक श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर परमगति प्राप्त की, उसी प्रकार श्रद्धा और विश्वास के साथ कथा का श्रवण करने वाला प्रत्येक व्यक्ति भय, मोह और जन्म-मरण के बंधनों से मुक्त होकर ईश्वर की शरण प्राप्त करता है।
आचार्य श्री गोस्वामी ने कहा कि श्रीमद्भागवत वेद, उपनिषद और समस्त शास्त्रों का सार है। यह कथा भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संगम है, जो मनुष्य के हृदय में भगवान के प्रति प्रेम, करुणा, सत्य और धर्म का संचार करती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में परिवारों का दायित्व है कि वे अपनी नई पीढ़ी को सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, वेदों और शास्त्रों के आदर्शों से जोड़ें, क्योंकि यही संस्कार राष्ट्र और समाज का उज्ज्वल भविष्य निर्मित करते हैं।
कथा महोत्सव के संयोजक डॉ. चंद्रकला अग्रवाल, सतीश गुप्ता, आशा गुप्ता, भगतराम गोयल, सुमनलता गोयल, राम प्रकाश अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, जगत नारायण अग्रवाल, राजकुमारी अग्रवाल, सुशील गुप्ता, शीतल गुप्ता, महेश अग्रवाल, बबीता अग्रवाल, अमित अग्रवाल, शीतल अग्रवाल, प्रेमलता अग्रवाल एवं बंजारा हित सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
इस अवसर पर विजय प्रकाश अग्रवाल, बीना अग्रवाल, रमेशचंद्र गुप्ता, सत्यभामा गुप्ता, नंदकिशोर अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, अनीता शाह, राजेंद्र अग्रवाल, संतोष अग्रवाल बगड़िया, अविनाश गुप्ता, सरिता गुप्ता, ज्ञानेंद्र अग्रवाल, गायत्री अग्रवाल, वेद प्रकाश अग्रवाल, श्रीकृष्ण अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, आशा अग्रवाल, बबीता गुप्ता, सुनीता गुप्ता, कौशल्या गुप्ता, पुष्पा अग्रवाल, अजय गोयल, कविता गोयल सहित सैकड़ों वैष्णवजन एवं श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।