Welcome to राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद

राधे-राधे ही हमारी पहचान

श्री राम प्रकाश अग्रवाल


Ram Prakash Agarwal

"राधे-राधे केवल एक नाम नहीं, बल्कि सेवा, प्रेम, करुणा और मानवता की पहचान है।"

सेवा कार्यक्रम

हैदराबाद (6 अगस्त 2026) राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के तत्वावधान में नामपल्ली स्थित पब्लिक गार्डन, पिलर नंबर 1265 ए के पास नियमित अन्नदान कार्यक्रम सेवा, समर्पण और मानवता की भावना के साथ आयोजित किया गया। प्रतिदिन संचालित इस सेवा अभियान में बड़ी संख्या में जरूरतमंद, असहाय, श्रमिक, मरीजों के परिजन तथा राहगीरों को सम्मानपूर्वक भोजन वितरित किया गया। ग्रुप के सदस्यों ने पूरे उत्साह के साथ सेवा कार्य में भाग लेते हुए मानव सेवा को सर्वोच्च धर्म बताया।

राम प्रकाश अग्रवाल के विचार

इस अवसर पर राधे-राधे ग्रुप हैदराबाद के संयोजक राम प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि राधे-राधे ग्रुप की वास्तविक पहचान उसके नाम में नहीं, बल्कि उसके सेवा भाव में है। उन्होंने कहा कि इस ग्रुप द्वारा किए जा रहे कार्यों का वर्णन शब्दों में संभव नहीं है, इसे केवल अनुभव किया जा सकता है। यही कारण है कि इस संगठन की पहचान केवल एक शब्द है—"राधे-राधे"। यह शब्द केवल एक संबोधन नहीं, बल्कि प्रेम, करुणा, सेवा, समर्पण और मानवता का संदेश है।

सेवा का संदेश

राम प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि किसी भी समाज की वास्तविक ताकत उसके भवनों या संसाधनों से नहीं, बल्कि उसके सेवाभावी लोगों से होती है। जब समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों के दुख-दर्द को अपना समझकर सहायता के लिए आगे आता है, तभी एक संवेदनशील और मजबूत समाज का निर्माण होता है। राधे-राधे ग्रुप इसी भावना के साथ बिना किसी भेदभाव के प्रत्येक जरूरतमंद तक सेवा पहुँचाने का कार्य कर रहा है।

उन्होंने कहा कि अन्नदान केवल भूख मिटाने का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता, प्रेम और आत्मीयता का उत्सव है। जब किसी भूखे व्यक्ति के हाथ में सम्मानपूर्वक भोजन पहुँचता है और उसके चेहरे पर संतोष की मुस्कान दिखाई देती है, वही क्षण सेवा का सबसे बड़ा पुरस्कार होता है। ग्रुप का प्रत्येक सदस्य इसी भावना के साथ प्रतिदिन अपना समय, श्रम और सहयोग समर्पित करता है।

सामाजिक उत्तरदायित्व

उन्होंने कहा कि राधे-राधे ग्रुप केवल अन्नदान तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग, संस्कार, भाईचारे और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को भी सशक्त बना रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने जीवन का कुछ समय समाज सेवा के लिए समर्पित करने का आह्वान किया। यदि प्रत्येक सक्षम व्यक्ति एक जरूरतमंद परिवार का सहारा बनने का संकल्प ले, तो समाज से भूख, असहायता और निराशा को काफी हद तक समाप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राधे-राधे ग्रुप का संकल्प है कि सेवा का यह अभियान निरंतर चलता रहेगा और अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जोड़कर मानवता की सेवा का दायरा और व्यापक बनाया जाएगा। सेवा ही वह माध्यम है जो समाज को जोड़ती है और व्यक्ति को ईश्वर के सबसे निकट ले जाती है।

कार्यक्रम में उपस्थित

इस अवसर पर सुनीता अग्रवाल, भगतराम गोयल, नंद किशोर अग्रवाल, मनीष चिंडालिया, गोपाल गोयल, प्रीतिका अग्रवाल, महेश गुप्ता, सुशील गुप्ता, शीतल गुप्ता, मनीष गुप्ता, निशा गुप्ता, जयप्रकाश सारड़ा, जगन गुप्ता, रोहित अग्रवाल, सुमन अग्रवाल, भाकर राम कुमावत तथा कमला देवी कुमावत सहित अनेक सदस्यों ने सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई। सभी ने नियमित अन्नदान कार्यक्रम को समाज के लिए प्रेरणादायी बताते हुए इसे और अधिक व्यापक बनाने का संकल्प लिया।

"राधे-राधे"


कार्यक्रम का समापन "राधे-राधे" के जयघोष के साथ हुआ। सभी सदस्यों ने मानव सेवा, अन्नदान, सहयोग एवं समाज कल्याण के इस पावन अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।